अनाहत से उपर उठो गिलगामेश
ठाकूरजी वो मुझे बहुत सालों बाद मिली थी । हम जब विजाग से पूरी की ओर जा रहें थे तो वो मुझे as a टूर गाइड मिली और महासेन और मैत्रेयी भी उससे घुल मिल गए थे पर फिर किशोरी ने अपने अभी के सभी परिस्थिति से मुझे अवगत कराया तो मुझे लगा कि समय निकल गया है और हम अब संसार को आगे नहीं बढ़ा सकेंगे क्योंकि डिग्री के बाद उसके पापा और वो मेरा शहर छोड़ के चले गए थे पर वो विजाग गए ये बहुत वर्षों बाद पता चला। और उसका एक boyfriend है जो क्रिस्चियन है और वो शादी करने वाले हैं। धन्यवाद इस संपूर्ण और इथमभूत वृतांत के लिए गिलगामेश , लगता है की वो तुम्हे फिर से याद दिलाना पड़ेगा जो तुम्हारे पास है उसपे ध्यान दो अपने अतीत का सामना करना होगा और उससे आगे निकलना होगा । अगर तुम्हे सच में किशोरी के लिए अभी कुछ लगाव हो रहा है तो वो लगाव जब वो एमपी छोड़ के जा रही थी तब कहा था ?? तब से अब तक जब वो तुम्हारे सामने नहीं आई तब तक कभी तुम्हे उसकी याद आई है। मनुष्य का ये स्वभाव है की कोई चीज वर्तमान में सामने हो तो वो भूत और भविष्य दोनो के बारे मे मकड़जाल बनाता है और वो चीज ही उसकी बाधा बनती हैं गिलगामेश , तुम्हे यहां लाने का ...