किराट की भेट _0
अरे प्रताप ये किस्की तस्वीर है यहा पाकिस्तान मे या तो कोई पीर बाबा नहीं लगता और सैलानी बाबा जैसा कोई सुफी भी नहीं लगता . ये कोई हिंदू भगवान या महाराजा लागता है क्योकी माथे पे तिलक है और निचे मछली दिख रही है. एक युवा वहा भागता आया और तस्वीर को उठा के भागने लगा और बोला किसीको मत बताना या तस्वीर जहा से ले आये थे वहा पहुचा के आएंगे लेकीन किसी को मत बताना. तुम्हारा नाम क्या है भाईजान में किराट हुं किराट लोहाणी. यह जगह मेरे घर से थोडी दूर है मुझे यहा नहीं आना चाहिए था. रुको किराट, कितना दूर है तुम्हारा घर और यहाँ ये तस्वीर लेकरं क्या करणे आय थे. आप क्या आपका नाम बोलोगे मेरा नाम प्रताप पार्कर है . और मुझे लोग गिल्गामेश बोलते है. तो आप यहाँ के नहीं लगते. तो मे या आपको बात बता सकता हुं. ये हमारे पूर्वज है और उनकी सिंधी लोग पूजा करते है. इन्का नाम झुलेलाल है. चलो मे निकलता हुं. रुको किराट तो ये तस्वीर यहा क्यो लाये थे आज inka जन्मदिन है और मेरा नया दुकान पास मी ही है तो पूजा करणे लाया था पर अब लागता है घर को ही पूजा करना ठीक रहेगा. सब ठीक तो है किराट, तुम बहोत भयभीत लग रहे हो . ...