गोदावरी - दक्षीनगंगा

 Godavari in Hindi)

गोदावरी नदी के ऊपरी हिस्से में डेक्कन पठार वाले भाग में मैग्नेटाइट, एपिटोड, बायोटाइट, जिरकॉन, क्लोराइट जैसे खनिज मिलते हैं। गोदावरी बेसिन के मध्य भाग के तरफ फरलाइट, क्वार्ज़ाइट, एम्फीबोल, ग्रेनाइट पत्थर आदि मिलते हैं। गोदावरी के घाटों पर पाए जाने वाले तलछट, पत्थर और गाद गोंडवाना समूह के भाग हैं।


गोदावरी नदी के परियोजनाएं (Projects on Godavari River)

श्रीराम सागर, गोदावरी बांध, जायकवाड़ी आदि कुछ प्रमुख बांध हैं। इसके अलावा पेनगंगा, वईगंगा, इंद्रावती, वर्धा आदि नदियों पर भी बांध बने हुए हैं। प्रहिता-चेवाला और पोलावरम बांधों का निर्माण अभी चालू है।


गोदावरी के कुछ प्रमुख उत्पादन क्षेत्र (Prominent Industries on the Banks of Godavari in Hindi)

नाशिक, संभाजीनगर, राजमुंद्री, नागपुर आदि गोदावरी के किनारे कुछ प्रमुख शहरी क्षेत्र हैं। नाशिक और संभाजीनगर में कई प्रमुख वाहन के फैक्ट्री हैं। इसके अलावा चावल के मिल, कपास की कताई और बुनाई के कारखाने, चीनी और तेल के कारखाने भी हैं। सीमेंट और तकनिकी सम्बन्धी कारखाने भी कहीं कहीं मिलते हैं।


गोदावरी बेसिन में बाढ़ और सूखे की स्थिति (Floods & Drought in Godavari Basin in Hindi)

गोदावरी नदी के निचले हिस्सों में काफी बाढ़ आता है। इसके तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान आते हैं। चपटा मैदान होने के कारण गोदावरी के डेल्टा भाग में जल निकासी की समस्या बहुत देखी जाती है। गोदावरी के किनारे बसा हुआ मराठवाड़ा इलाके के एक बहुत बड़ा हिस्सा सूखे से प्रभावित होता है जिससे यहां के फसलों को काफी नुकसान होता है।

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