क्षात्रधर्म के अर्वाचीन नियम
गिलगमेश जब मेने तुम्हे अपने बारे में बताया कि मेरे घर के और गांव के कलेश से दूर रहना ही बेहतर होगा इसलिए में यहां तक पहुंचा हु , तो तुम क्या सोचते हो उसके बारे में । में बहुत सोच सोच के थक चुका था योगेश्वर ठीक है जो कुछ स्मृति से श्रुति में आए वो तुम्हे मेरे वाणी से मिलेगा और पता नही अब जब में तुम्हे बताऊंगा तो उस में क्या बदलाव होंगे लेकिन याद रहे दो मौसेरे भाई अगर लड़ रहे हो तो तुम्हे वहा चुप रहने में तुम्हारी भलाई है । बात समझ नही आई, कोई example ? ठीक है मानले तेरे गांव के पास एक धनी व्यक्ति ने अपने दो लड़कियों को सिखा कर काबिल बनाया की वो बिना किसी सहायता से अपना जीवन व्यतीत करे , पर जीवन बिना मोह के नही चलता , तो एक लड़की एक मुस्लिम व्यापारी से मोहित हो गई और इस धनी व्यक्ति को उसे दामाद बनाना पड़ा। दूसरी लड़की ने उच्चशीक्षा विभूषित पति पाया जो किसी शहर में नौकरी करता था और कायदे कानून का शिक्षक था । अब उन दोनो के बालक इस धनी व्यक्ति के घर आए और एक आम के पेड़ से आम तोड़ते वक्त उनका झगड़ा चालू हुआ अब बोलो तुम किसका साथ दोगे । में तो दोनो के झगड़े का मजा लूंगा गिलागमेश!!! Exact...