सहसंबंध और कनवल्शन
गिलगामेश तुमने आकाश में विमान को उड़ते देखा है।
हा गुरुजी । उसकी की गति और वो किस समय कहा जायेगा इसके अनुमान के लिए हम कुछ तरीका अपनाते है क्या वो तुम्हे पता है ? नही गुरुजी में तो कला का विद्यार्थी हूं मुझे ये तो नही पता पर आप बताओ तो याद रखेंगे।
में जरूर बताऊंगा और तुम्हारे जीवन में वो क्यों जरूरी है क्योंकि तुमने इतिहास के तरफ देखा है और हम सिग्नल आणि सिस्टम अगर तुम्हे सही समय ये बात बता दे तो तुम वो आगे दैनंदिन जीवन में वितरित कर सकते हो।
ठीक है गुरुजी बताइए।
मैं जब इंजीनियरिंग कॉलेज में था तो एक विषय था सिग्नल आणि सिस्टम, और उस विषय में सहसंबंध और कनवल्शन एक बुनियादी ऑपरेशन हैं जो हम छवियों से जानकारी निकालने के लिए करते है । वे कुछ अर्थों में सबसे सरल ऑपरेशन हैं जिन्हें हम किसी छवि पर कर सकते हैं, लेकिन वे बेहद उपयोगी हैं।जटिल-मूल्यवान कार्यों के लिए, क्रॉस-सहसंबंध ऑपरेटर कनवल्शन ऑपरेटर का सहायक है।
कन्वोल्यूशन में ऐसे अनुप्रयोग होते हैं जिनमें संभाव्यता , सांख्यिकी , ध्वनिकी , स्पेक्ट्रोस्कोपी , सिग्नल प्रोसेसिंग और इमेज प्रोसेसिंग , भूभौतिकी , इंजीनियरिंग , भौतिकी , कंप्यूटर दृष्टि और अंतर समीकरण शामिल होते हैं।
वही तरीका हम रडार और गाइडेड मिसाइल तथा विमानों के रास्ते और अन्य खबरें उसके ही माध्यम से रखते है ।
समझ गया गुरुजी पर उससे मेरा क्या संबंध में ये जानकारी कहा उपयोग में लाऊंगा।
ये बिलकुल जरूरी नहीं है की ये तरीका या ये विषय सिर्फ मेरे जैसे गणित और विज्ञान के व्यक्ति को ही चले।
इतिहास और कला में भी तुम इस विषय को लेकर एक बार फिर देख सकते हो की सिग्नल अगर किसी सिस्टम से जाता है तो जरूरी नहीं की वो बदल ना जाए ।
वो बदल भी जाए तो कुछ लक्षण (पैटर्न) बनते है जो बताते है कि वह आगे कहा जायेगा ।
और यहां चित्र की बात आई है तो तुम आज की परिस्थिति और किसी भी इतिहास के समाज की तस्वीर लेकर इन अनुप्रयोग का इस्तेमाल कर सकते हो।
धन्यवाद गुरुजी मैने ये पहले तो नही किया लेकिन अब में समझ रहा हु आप क्या कह रहे है।
जैसे मुझे कुछ हद तक समझ आ रहा है की स्वर्ग और नर्क अगर जिंदा लोग ढूंढने निकले तो हमारी संसद और हमारे जैल कुछ काम नही है उससे और कर्मों के फल से ही वो प्राप्त होते है।
और अक्षोहिणी सेना में जो जो चीजे है 10 आदमी की एक पत्ती होती थी , 3 घोडे जो आज कोई भी द्विचक्र वाहन हो, एक गज को एक ट्रक से बदला जाए, एक रथ जो 4 चक्र वाहन हो, और 5 पैदल यात्रिगण तो हम अक्षोहिनी सेना फिर से बना सकते हैं।
तुम मुझे हमेशा से आश्चर्यचकित करते हो गिलगामेश इतने कम समय में तुम इतना विचार करके नतीजे तक पहुंच गए और वो मेरे सामने रख पाए हो ये एक तुम्हारी उपलब्धि है।
आशा है कि ये अनुप्रयोग तुम अपने जीवन मे जहा चाहे वहा उपयोग में लाकर जीवन में ज्ञान की वृद्धि करोगे।
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