जमाता बनने का खेल (चंद्रशेखर)
गोवा में एक नेवी के आदमी के वजह से आज हम इस तटीय इलाकों से गुजर कर दक्षिण ध्रुव की तरफ जा पा रहे हैं ऐसा महासेन बोल रहा था।
ठीक है, वो आदमी इस जहाज पर हैं ऐसा भी उसने कहा था । और वो हमारे साथ कन्याकुमारी के तट तक साथ रहेगा ये भी बोला था।
तो मेरे बारे में बहुत कुछ बताया है तुम्हे महासेन ने।
तो आप है चंद्रशेखर,
हा हम ही है।
क्या उत्तर प्रदेश से हो क्या।
हा जन्म तो उधर ही हुआ लेकिन फिर हम यहां गोवा में आगए और घर बसा लिया ,
वैसे तुम अपना परिचय दे सकते हो ?
मैं गिलगमेश और ये योगेश्वर, हम up तो नही लेकिन लेकिन हिदुस्थानी भाषाक्षेत्र से आते है । तो फिर ठाकुर से कैसे मिले वो तो महाराष्ट्र का है गोदावरी यानी दक्षिण गंगा का राजपुत्र तुम नर्मदा और महानदी के नौजवानों को कब मिला ।
आप को कैसे पता चला कि हम mp और ओडिसा से है ।
कुछ जानकारी हम भी रखते अपने सहकर्मियों का , तुम्हे हमारे साथियों ने तुम्हारा प्रमुख काम तो बता दिया होगा ।
हा हम दोनो भी कैप्टन के साथ रहेंगे और कम्युनिकेशन और दिनचर्या पर ध्यान देंगे ।
ठीक है लेकिन मेरा मार्ग पर ध्यान सिर्फ मेरे कन्याकुमारी तक उसके आगे तुम्हें ये बीड़ा खुद उठाना होगा।
ठीक है हम पूर्ण प्रयास करेंगे।
राम राम मामाजी, अरे महासेन मैं तो मुरुगा का मामा बना तू तो अपने मामाजी मिलने जा रहा शायद ।
तुझे भी उसका साथ मिला तो तू भी गोवा की लड़की को लेके घूम रहा है।
मामाजी मुरुगा ने बोला था मेरे ससुर बोहोत तीखे और निसंदेह हैं,पर मुफट लोगो से सीधा संवाद हमे जजता नही।
मेरा जमाता मुझे बोहोत अछा जानता है ये यकीन होगया। कब मिला उससे तू आखरी बार? लड़की की
20 22 साल होगए आखरी बात फोन पर हुई थी शादी के साल होने के बाद।
आप अपने घर परिवार और काम बहुत खुश हैं ऐसा लगता है।
तुम योगेश्वर ही हो ना?, हा ।
कहा up का गंगा का किनारा छोड़ के में यह समुद्र तट पे फस गया पता ही नही चला , जैसा ये तुम्हारा दोस्त महासेन घर लेके गया था ना ये मैत्री को वैसेहि में लेके गया था ये ठाकुर के कहने पर,
और हम अपने घर से बेदखल हो गए क्योंकि लड़की को खेती के बारे में कुच पता नही था पर ध्यान रहे लड़की का परिवार मछुआर था वो मेरे पास आके मुझसे कहने लगे कि आपका सहयोग यहां ज्यादा हो पाएगा कुछ हालात बदले और बच्चा देखने मेरे परिवार के लोग आए और मुझे वापस चलने को कहा , मैने भी बोल दिया मैं भी ज्यादा कुछ नहीं जानता खेती के बारे में तो आप और आपकी खेती, मेरे और उसके दोनो के परिवार ने वो रूप पहले नही देखा था।
उस दिन से में और मेरी पत्नी एक गांव में जाके बसे ।
जहा से गंगा का किनारा और गोवा का कोलीवाडा समान अंतर पर था।
सोमनाथ पर आने से पहले में गंगा किनारे पर जाके आया हु ताकि कुछ ऐसा ही होने वाला होगा ये संदेश मां गंगा ने दिया था ।
ये प्रवास तुम्हें अनुभव और दुःख दोनो देख सकता है , नजरिया तुम्हारा,
जो सपनो में और इतिहास में खोया रहहै ता है , उसे वर्तमान स्थिति को संभलना मुश्किल लगता है ,
अगर कोई भी युद्धप्रसंग आए तो लीडर वो होगा जो कप्तान के पद और उसके अलावा उसके साथ होगा।
हीरो और लीडर में फर्क ये है की लीडर को निर्णय लेना होता है और हीरो को निर्णय में सबका हित साधना होता है ।
ये होगयी काम की बाते अभी तुम्हारी उम्र भर के लिए उपदेश को ध्यान में रखना।
तुम किसका जमाता बनते हो ये तुम्हारे हात में होता है, में जिसका जमाता हु वो समुद्र का पुत्र कहलाता हैं, और उसका पुत्र ही वो पद आगे लेगा।
में हु तो पराया ही उनके लिए, पर मेरी सुविधा के अनुसार में थोड़ा बोहोत बदलाव अपने जीवन में वो जामाता बनने से ला पाया।
गोदावरी तट ठाकुर आज पहाड़ों में क्यों घूमता है मिलने के बाद पूछना उससे।
अब ये लड़का पूरी तरह मेरे जैसा ही जीवन पा रहा है,
मां बाप क्या बोले महासेन लड़की को देख कर ।
वो तो खुश थे मामाजी मिलने पर, हमने पुरी 6 महीने की खेती दिनचर्या और उसके छोटे छोटे पैलु को समझा है।
ये generation gap ho सकता है क्योंकि मेरा भी देख लो एक पहलवान के घर में एक कोली बेटी दी मैंने ।
मुरुगा खुश तो है शादी कर के वो मेरी लड़की को कॉलेज में मिला था और वो खेती में असली जिंदगी जी सकता था । पर अब पैलवान, कार्गो ship Move करता है।
लड़की तो खुश है मेरी। समय ये अनुभव तुम्हें भी प्रदान करे, महासेन और तुम दोनो भी अपनी जिंदगी परिवार कल्याण में बिताओ।
मेरा कोई इरादा नहीं है शादी का कप्तान जी,
गिलगमेश मेने जो कहा वो तुम्हारे लिए था शायद तुमने सुना नही , अतीत तुम्हारे सामने आके खड़ा हुआ तो तुम उससे डर भी नहीं सकते वो इतना खूबसूरत होता है पर एक भी भ्रम न रखना की अतित को बदला जा सकता है, वर्तमान देखो और सुधार करो अपने भविष्य को ।
तुम इन सब में बड़े लगते हो गिलगामेश, जैसा कि मैंने कहा कई बार नायक और प्रतिनिधी ये अलग होते है, तुम्हे क्या और क्यों बनना है ये तुम देखो।
और सबसे छोटा कोण लगता हैं कप्तान जी, योगेश्वर अगर मैने यहां वो लड़की छोड़ दी तो ।
अगली बार ठाकुर जी को लेके घूम आयेंगे आप भी रहना इस वक्त।
जहा तुम जाना चाहते हो वहा तो तुम हमे या ठाकुर को नही ले जा सकते गिलगामेश।
ठीक है जैसी आप को सही लगे।
महसेन आने का रास्ता कई बार मौसम पर आधारित है।
अगर सही समय पहुंचे तो मिलेंगे नही तो तेरे दोस्त को मिल लेना।
ठीक है मामाजी।
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