bugati in baloch

प्रल्हाद bugati, अरे  गिलगमेश ये गाडी का नाम क्यू लिखा हुआ है इनके पास बुगाटी है क्या

 कौन है वहा यहा आओ जरा 

अरे प्रताप तुने तो चचा को भडका दिया चल अब संभालले 

क्या यहा नये आये हो, और क्यू आये हो 

हम तो मुसाफिर है जनाब टेहलते  टहलते आपके कारखाने मे आ पहुचे 

कारखाना क्या यही तुम्ही गोला बारूद का दुकान लगता है 

नही हमारा वो मतलब नही था 
हिंदुस्तानी लगते हो 
आपने कैसे पहचान लिया 
शक्ल पाकिस्तानी नही लगती 
Actually Mr Prahlad ji we are working here for some event management company 
चलो मान लेते है यही सच है वैसे पाकिस्तान में हिंदुस्तानी भरोसे के लायक नही हो सकते 
आपका नाम भी किसी मुसलमान जैसा नही लगता 
मुझे तो लगता है आप भी कही बॉर्डर क्रॉस करके तो नही आये 
मुलतान मे गाना हमारे दादा का आलिशान बंगलो था और हमारे काही कारिगारी से खुश होकर हमे यहा ये कारखाना मिला वैसे ये सब जानकर तुम्ही क्या मिलेगा 
आओ बैठो 
If you don't mind pralhad ji but ye Bugatti kya hai 
उसे सरनेम ही समजलो यहा बलोच मे आकर अगर तुम किसी को बुगती के बारेमे पूछो तो तुम्हे पूरा इतिहास सुनाने लगे मान लेते है कुछ सदियो पहले हम यहा युद्ध लढणे आये थे और यही बस गये अभी हमे लगता है कि नही हमारा अंत होगा 
तो आप अपने को मराठा वंशज मानते है तुम्हे तो बहुत कुछ मालूम है क्या नाम है तुम्हारा 
हम गिल्गमेश है 
इस नाम के बहुत कम लोग होंगे क्योंकि हमे इस नाम की बहुत कम जानकारी है 
मै भी डूंड ही रहा हू ऐसे समजलो मेरे नाम का मतलब
और ये इंग्लिश मन कौन है 
माय नेम इज प्रताप प्रताप पारकर 
तो देहाती हो या विलायती हो 
ये क्या बोल रहे है 
विलायत का देहाती है जनाब 
ओके समज गया 
Hey bro a vilayat aur dehat Kya hota Hai 
It means foreign city or countryside 
चाचा तो बहुत कोडवर्ड युज करते है एजंट है क्या
ये भारतीय उपखंड की हिंदी/उर्दू भाषा हे दोस्त समय रहते सीख लो काम मे आयेगी 
ओके आय विल ट्राय 
तो क्या तुम महाराष्ट्र से हो जो तुम्हे मराठा और बुगती का संबंध पता है 
नही मे बुंदेलखंड से हू जो आज मध्य प्रदेश मे आता है
तो बलोच मे क्यू आना हुआ हिंगलाज माता के दर्शन करणे आये थे या कोई और वजह 
हिंगलाज माता के दर्शन तो कर लेंगे आपसे मिलके भी खुशी हुई बाकी लोगो से ज्यादा बात नही कर सकते ऐसी परिस्थिती या थी पर आप तो बेडर लगते हो 
अगर तुम कोई खुफिया एजंट नही हो किसी और देश के तो आगे कोई मदत चाह तो मिल सकती है
 पर अगर एजंट हो तो अभी बता देना अलग से व्यवस्था करनी पडती है 
अलग से मतलब 
बलोच मे आये हो, पीएम इन एक्साइल सुना है 
हा सुना है बहुत से देशो से वो माताजी मदत मांग रही है अपने आजादी के लिए और हमे उनका सन्मान और हिफाजत दोन ो की जिम्मेदारी दि गयी है 
आप तो बहुत बड आसामी निकले
 
ये इसलिये बताना पडता है अगर एजंट हो तो फिर से बता दो 
जनाब हम एजंट तो नही है पर हमे युद्ध पर संशोधन करना है ये हमारा दोस्त उसकी पीएचडी के लिए ये विषय लेके आया है. 
तो युद्ध पर संशोधन करने के लिए इतिहास भरा पडा है यहा तक आने की क्या जरुरत थी 
अभी तो हमे आप मुसाफिर हो जैसा ही व्यवहार करे और हमारी व्यवस्था कहा हो सकती है ये जरा बताये बाकी ये कारखाने मे काम क्या होता है 
हम कारागीर है मूर्ती या बनाते है किस चीज की मुर्ती या तुम बनाना चाहोगे 
पाकिस्तान में मूर्ती या बनाने का काम आप तो बहुत निडर हो 
 Khouf में कब तक जिओge 
और मराठों के साथ लड़ाई जीना है या मरना है यह दोनों पाकिस्तानी जानकार है हम अदब से बोलेंगे तो अफगाणिस्तान और इराण भी पार कर सकते हो 
आपसे मिलकर सच मे बहुत खुशी हुई आप हमारे एक मित्र चंद्रशेखर जी की याद दिला दे वो भी समंदर पर राज करते है समजलो .

वो सच मे अच्छा सिंधी होगा अगर वो समंदर पर राज कर रहा है 
 ये मैने सोचा नही था पर होंगे वो सिंधी 
तो हमे वरका जाना है आप शायद इराण तक हमारे साथ चल सकते हो 
वरका में क्या काम है और हम खुद किसी के साथ सीमा से बाहर नही जाते हमारे बहुत से दोस्त है जो तुम्हे तुम्हारे मुकाम तक पहुचा देंगे
वही युद्ध पर संशोधन और मेरा नाम गिलगमेश है तो ये गिलगमेश किसी वर्क का राजा था ऐसा बोला गया है मुझे 
ओके तुम्हारी बाते सच मानकर मै तुम्हे अपने साथ मुसाफिर जैसे लेकर जा रहा हु अगर जरूरत पडे तो तुम्हे किसी एजंट के साथ भी वार्तालाप करना पड सकता है उस वक्त याद रखना के तुम प्रल्हाद बुगती के कारखाने मे मुसाफिर आये हो और तुम्हे यहा से सिर्फ एक मूर्ती लेकर जानी है यही सच है और बाकी चीजे किसी से भी मत बोलना 
समज गया आपके कारखाने से मुझे कौन सी मूर्ती ले जानी है ये भी बता दीजिए 
मूर्तीयो से ये कारखाना भरा पडा है चलो मेरे साथ बताओ इन दिनो मे से कौन सी मूर्ती लेके जाओगे ये देवता की मूर्ती में क्या कर रहा है भगवान शंकर को तो ठीक है ये भगवान गणेश को यहा पेट मे कोनसा साप लगाया गया है

ये ब्रह्मांड हे 
कुछ भी 
चलो छोड दो ये बताओ कोनसे चक्र पे हो 
किस चीज की बात कर रहे हो योग की अनाहत की बात हुई थी किसी गुरु से 
ये मणिपूर चक्र पे बना हुआ सर्प हे गणेश जी मुल आधार के देवता है और तुम अभी अनाहत के ऊपर उठे नही हो योगी अनाहत के ऊपर विशुद्धी चक्र होता है जहा आगे वाले के बाद पर क्या जवाब दे ये सोचने के लिए बहुत कम समय का इस्तमाल होता है ये वहा का परफेक्शन है 
अभी ध्यान मे मन नही लगता किसी और काम मे लगा दिया गया है 
तो बताओ अगर गणेश जी के मणिपूर चक्रपे सर्प हे तो भगवान शंकर के कहा और विष्णू जी की कहा 
गले में विशुद्धी और सर के ऊपर सहस्रार.
यही कारण है दोस्त शंकरजीने हर योग्य अयोग्य व्यक्ती को वरदान दिया भलेही वो त्रिकालदर्शी थे पर भगवान विष्णू जी के वरदान पाने मे भी भक्त को प्रथम निर्धन होना पडता है ताकी इस संसार की मायाका पूरा अनुभव ऊसे मिल जाये और वो उसे उब जाये
आपने हमारे ज्ञान मे वर्धन किया है 
तो आपके हिसाब से सबसे बडा भगवान कोनसा है 
जैसा मैने अभी बताया अगर ये तुम्हारा प्रताप पालन पोषण  चाहता हे तो उसे ओम नमो भगवते वासुदेवाय कहना होगा अगर तुम लढना चाहते हो तो तुम्हे युद्ध के देवता को आवाहन करना होगा तुम्हे पता है वो कौन है हा पता है वो शिवजी का पुत्र है शदानन् हे उसकी मूर्ति कहा है आपके पास वो रहे भगवान कार्तिकेय 
ये मूर्ती मे लेके जाना चाहूंगा जरूर तुम्हारे लिये ही रखी तुम्हे कुर्दीस्थान भी जाना है वहा ये मूर्ती स्थापित करनी है
पर मै तो वैष्णवाचार्य की उपाधी लगाता हु 
माफ करना ये वैयक्तिक बात है पर आपको बता सकता हु 
याद रखना गीलगमेश तुम अगर खुद को वैष्णव केहते हो तो शिव से बडा वैष्णव कोई नही और अगर तुम अपने आपको शैव कहोगे तो विष्णू राम और कृष्ण से बडा कोई शैव नाही तुम वैष्णव हो इसलिये तुम्हारे पूर्वज शिवजी से कनेक्ट होते है मेरे बात से तुम सहमत होंगे 
बताओ तुम्हारा वंश कोनसा 
चंद्रवंश
शिवजी के बेटी का पती कोण 
नहुश् 
शुक्राचार्य की बेटी का पती कोण 
ययाती 
श्रीकृष्ण के पिता वासुदेव की बहन का पती कोण 
पांडू 
श्रीकृष्ण की बहन का पति कौन 
अर्जुन 
मत्स्य नरेश उत्तरा का पती कोण 
अभिमन्यू 
उत्तर की बेटी इरावती का पती कोण
 परीक्षित
काशीराज वपुष्टमा का पती कोण जिसने सर्प सत्र चालाया और आखरी अश्वमेध किया 
जन्मेजय 
आम बात नही है की तुम ये सब जाणते हो ये तुम्हे भूत की जान होणे के वजह से ही भविष्य की बागडोर सोपी गयी होगी.
भागवत पुराण जानते हो 
हा थोडा बहुत क्या समजते हो उसका सार क्या है 
ज्यादा कुछ नही ठाकुर जी की जीवनी है

मिले तो पढ ले ना 
उसकासार तुम्हे बता रहा हु 
पितृ दोष का सबसे बडा कारण होता है युद्ध पर कुछ चिजे हो जाती है.
ऊस समय मे भी दो से 3 पीडिया लगी हर एक को फिर अपनी अपनी linage मिलने मे और हर एक के मुलपुरुष ने कभी न कभी राज किया ये धरती पे.
भागवत वही लेखा जोखा है.
की इस बहाणे अपने पूरखो के नाम को याद करोगे तो पितृ दोष का ग्यान और समाधान दोनो मिलेगे 
क्या सोचते हो पानिपत के बाद रोड मराठो को और हमे 2 से 3 पीडिया लगी होगी या ज्यादा ही.
ज्यादा कहना आसान होगा, पर सही आप ही बता पाओगे 
अब भी काम चालू है , और उदासीनता का ये आलम है की तुम दो ही मिले हो मेरे पुरे जीवन में मुसाफिर बाकी तो धंदे और कमाई करने वाले बहुत है.
आपका युद्ध में क्या अनुभव या आगे कभी हुआ तो क्या रोल रहेगा.
हम अगर अपने आप को मराठा मानेंगे तो ये जाणले.
This is exact word which is told in last times of my father to me my friends .

Farmer in Peace Warrior in War this is  the wlhole life agenda of life given to you .

मतलब जंग ए मैदान में आप हमे मिलोगे कभी न कभी .
फिर मुलाकात होती रहेगी आपके मिलके जीवन को बहुत गहरा संदेश मिल गया प्रल्हाद जी .
और मुलतान में आपकी हवेली हम फिर से देखेंगे ऐसी आशा रखते है.

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